भाषाई विरासत को बचाना बड़ी चुनौती
धाद : लोकभाषा एकांश द्वारा आयोजित ‘आखिर कैसे बचेंगी लोकभाषाएं’ व्याख्यान माला-4 समाज और सरकार दोनों स्तरों पर उत्तराखंड की…
Read More »बुडया लापता : रौंस दिलंदेर हंसोड्या स्वांग फाड़ी – १
मुंबई का सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी, लिखवार, स्वांगकर्ता भग्यान दिनेश भारद्वाज , अर सामाजिक कार्यकर्ता रमण कुकरेती को लिख्युं नाटक ‘बुडया…
Read More »खाडू लापता नाटक : अंध विश्वासुं पर कटाक्ष
ललित मोहन थपलियाल जी कु लिख्युं एकांकी’ खडू लापता ‘ गढवाळ ऐ जिंदगी कु भौत इ सजीव चित्रण प्रस्तुत करदो…
Read More »गिरीश सुंदरियालौ नाटक असगार मा चरित्र चित्रण – फाड़ी -१
इकीसवीं सदी क गढ़वाळी स्वांग/नाटक -२ ‘असगार’ गिरीश सुन्दरियालौ स्वांग खौळ ‘असगार’ मादे एक स्वांग च . हाँ असगार मा…
Read More »विरोधाभास के बीच झूलती टीम अन्ना
टीम अण्णा का दो दिन का उत्तराखण्ड दौरा विरोध, सवाल और शंकाओं से भरा रहा। टीम अण्णा ने हरिद्वार, देहरादून,…
Read More »पहाड़ की जनता के साथ धोखा कर रहे हैं बीसी खडूड़ी ?
उत्तराखंड की बीजेपी सरकार को.. खंडूड़ी है जरूरी… का एक चुनावी नारा क्या मिला कि उसने इस पहाड़ी राज्य के…
Read More »मध्य हिमालयी भाषा का तुलनात्मक अध्ययन
मध्य हिमालयी कुमाउंनी, गढ़वाली एवं नेपाली भाषा-व्याकरण का तुलनात्मक अध्ययन भाग -6 (गढ़वाली में सर्वनाम विधान) इस लेखमाला का उद्देश्य…
Read More »मध्य हिमालयी कुमाउंनी , गढ़वाली एवं नेपाली भाषा-व्याकरण का तुलनात्मक अध्ययन भाग -5
इस लेखमाला का उद्देश्य मध्य हिमालयी कुमाउंनी, गढ़वाळी एवम नेपाली भाषाओँ के व्याकरण का शास्त्रीय पद्धति कृत अध्ययन नही है…
Read More »मध्य हिमालयी कुमाउंनी , गढ़वाली एवं नेपाली भाषा-व्याकरण का तुलनात्मक अध्ययन भाग -4
(इस लेखमाला का उद्देश्य मध्य हिमालयी कुमाउंनी, गढ़वाळी एवम नेपाली भाषाओँ के व्याकरण का शास्त्रीय पद्धति कृत अध्ययन नही है…
Read More »मध्य हिमालयी कुमाउंनी , गढ़वाली एवं नेपाली भाषा-व्याकरण तुलनात्मक अध्ययन
(इस लेखमाला का उद्देश्य मध्य हिमालयी कुमाउंनी, गढ़वाळी एवम नेपाली भाषाओँ के व्याकरण का शास्त्रीय पद्धति कृत अध्ययन नही है…
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