घृणा, राजनीति और चहेते
आज एक राजनीतिक दल से जुड़े परिचित ने अपने स्मांर्टफोन पर व्हाट्सअप से आई तस्वीर दिखाई। उनके नेता की गोद…
Read More »कन्फ्यूजिंग प्रश्नों पर चाहूं रायशुमारी
अपने भविष्य को लेकर आजकल बड़ा कन्फ्यूजिया गया हूं। निर्धारण नहीं कर पा रहा हूं, कौन सा मुखौटा लगाऊं।…
Read More »बसंत
लो फिर आ गया बसंतअपनी मुखड़ी में मौल्यार लेकरचाहता था मैं भीअन्वार बदले मेरी मेरे ढहते पाखों मेंजम जाएं कुछ…
Read More »सिखै
सिहमरा बीच बजार दुकानि खोलि भैजी अर भुल्ला ब्वन्न सिखीगेन मिदेळी भैर जैक भैजी अर भुल्ला व्वन्न मा सर्माणूं सिखीग्यों…
Read More »लोकल ‘पप्पू’ भी सांसत में
वर्षों से कोई ‘पप्पू’ पुकारता रहा, तो बुरा नहीं लगा। मगर अब उन्हीं लोगों को ‘पप्पू’ का अखरना, समझ नहीं…
Read More »ये चन्द ..बहुमत पर भारी
लोग कह रहे हैं कि इतना ईमानदार था तो कोटद्वार से मुछ्याल क्यूं हारा …बात ये है की खुद में…
Read More »अभी से बनाएं अपना मैनेफेस्टो
अगर कोई ऊंच नीच न हुई तो उत्तराखंड राज्य में अगला विधानसभा चुनाव 2017 में होगा। निश्चित ही तब सभी…
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विविध

जब मेरे हिस्से आया एक और सम्मान
ऋषिकेश प्रेस क्लब में निर्विरोध निर्वाचन के बाद मुझे आशीर्वाद देते क्लब के वरिष्ठ सदस्य आभार प्रेस क्लब के सभी…
Read More » तेरा गौं औऊ जब बिटि (गढ़वाली कविता)
हेमवतीनंदन भट्ट ‘हेमू’ का लिखा और गया गया एक कर्णप्रिय गढ़वाली गीत http://www.4shared.com/mp3/1LIWPoxT/TERU_GAUN_AUNU_JAB_.html
Read More »ईं मुंदड़ी रखि समाळी (गढ़वाली गीत)
युवा गायक बिशन सिंह चौहान का लिखा व गाया एक सुंदर प्रेमगीत http://www.4shared.com/mp3/uCYyLyum/INE_MUNDI.html
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