-
संस्कृति

गढ़वाली कहावतें/लोकोक्तियां 05
बंदर बांठी बिराळौं सि लड़ै हौंसिया उमर दानौ हात आटू चौंळ कू भौ जंद्यो खुर्सेण ढ्यबरि टैट अंगुल्या गणत बांजौं…
Read More » गढ़वाली कहावतें/लोकोक्तियां 04
पौणा न्यूड़ बल खाणू अर नौना न्यूड़ सेणू कजेल्न करि बल सर्पै सौर अर वू तणेण तणेण क मौर भैंस्यो…
Read More »गढ़वाली कहावतें/लोकोक्तियां 03
घौड़ा मा ढांग प्वोड़ू या ढांग मा घौड़ू होण घौड़ै कि ई रांड च काठै बिराळी त् मैं बणौलू पण…
Read More »-
संस्कृति

गढ़वाळी औखाणा (कहावतें) 02
• सिंग पल्यो ण• कंटर बांधणू• चंद्रैण कन्न• सुद्दी कि मुंडाठेल• घोळ मथौळ कन्नूा• हंस ना कागा• गीत लगणा•…
Read More » गढ़वाळी औखाणा (कहावतें) 01
Garhwali proverbs and sayings गढ़वाळी औखाणा (कहावतें) जांदि दा क्यण पुछण औंदि दां पुछलू बैर्यो बाछरु बल पिजायां…
Read More »उफ्फ ये बांधों की हवस- 2
वाया ऊर्जा प्रदेश, उत्तराखंड की विकृत होने वाली तस्वीर को वाया यहां के रचनाशील समाज की नजर से देखा जा…
Read More »उफ्फ ये बांधों की हवस
पहले एक बड़ी खबर, जो अब तक मीडिया में नहीं आई है। टिहरी बांध की झील के ऊपरी क्षेत्र में…
Read More »-
विविध

गढ़वाली काव्य संग्रह उंद बगदी गंगा का हुआ लोकार्पण
आखिरकार हेमवतीनंदन भट्ट ‘हेमू’ कि कविता पोथी ‘उंद बगदी गंगा’ करीब तीन बर्स क बाद सैंदिष्टा ह्वेगि। यांचै पैलि हेमू…
Read More » आप सभी सुधि पाठकों का आभार
11000 से अधिक लोगों द्वारा बोल पहाड़ी ब्लॉग का अवलोकन करने और समय-समय पर पीठ थपथपाने के लिए मैं आप…
Read More »हो गई है पीर पर्वत सी पिघलनी चाहिए..
हमने आवाजें उठाई, मुट्ठियां भींची लहराई, ललकारा, लड़े भीड़े तो एक अलग राज्य को हासिल किया। मगर, फिर जुदा होने…
Read More »


