कब टूटलि जग्वाळ…
जुग जन्मूं बिटि छै जग्वाळ ऐंसू आलि बग्वाळ, त म्यरा घौर बोण, गौं गुठ्यार, मुल्क देश बळै जाला रांका, छिल्ला…
Read More »गढ़वाली कहावतें/लोकोक्तियां 06
ख्वों न खौं बल चौबटा मा रौं आत्मा बैरि बल गिच्चूा औ खुंड बल म्यारा मुंड असमौ मास बि मळसा…
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संस्कृति

गढ़वाली कहावतें/लोकोक्तियां 05
बंदर बांठी बिराळौं सि लड़ै हौंसिया उमर दानौ हात आटू चौंळ कू भौ जंद्यो खुर्सेण ढ्यबरि टैट अंगुल्या गणत बांजौं…
Read More » गढ़वाली कहावतें/लोकोक्तियां 04
पौणा न्यूड़ बल खाणू अर नौना न्यूड़ सेणू कजेल्न करि बल सर्पै सौर अर वू तणेण तणेण क मौर भैंस्यो…
Read More »गढ़वाली कहावतें/लोकोक्तियां 03
घौड़ा मा ढांग प्वोड़ू या ढांग मा घौड़ू होण घौड़ै कि ई रांड च काठै बिराळी त् मैं बणौलू पण…
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संस्कृति

गढ़वाळी औखाणा (कहावतें) 02
• सिंग पल्यो ण• कंटर बांधणू• चंद्रैण कन्न• सुद्दी कि मुंडाठेल• घोळ मथौळ कन्नूा• हंस ना कागा• गीत लगणा•…
Read More » गढ़वाळी औखाणा (कहावतें) 01
Garhwali proverbs and sayings गढ़वाळी औखाणा (कहावतें) जांदि दा क्यण पुछण औंदि दां पुछलू बैर्यो बाछरु बल पिजायां…
Read More »उफ्फ ये बांधों की हवस- 2
वाया ऊर्जा प्रदेश, उत्तराखंड की विकृत होने वाली तस्वीर को वाया यहां के रचनाशील समाज की नजर से देखा जा…
Read More »उफ्फ ये बांधों की हवस
पहले एक बड़ी खबर, जो अब तक मीडिया में नहीं आई है। टिहरी बांध की झील के ऊपरी क्षेत्र में…
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विविध

गढ़वाली काव्य संग्रह उंद बगदी गंगा का हुआ लोकार्पण
आखिरकार हेमवतीनंदन भट्ट ‘हेमू’ कि कविता पोथी ‘उंद बगदी गंगा’ करीब तीन बर्स क बाद सैंदिष्टा ह्वेगि। यांचै पैलि हेमू…
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