गढवाली भाषा में पुस्तक समीक्षायें
ऐसा लगता है कि गढवाली भाषा की पुस्तकों की समीक्षा/समालोचना सं. 1985 तक बिलकुल ही नही था, कारण गढवाली भाषा…
Read More »रचना संग्रहों में भूमिका लेखन
पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित समीक्षा का जीवनकाल बहुत कम रहता है और फिर पत्र पत्रिकाओं के वितरण समस्या व रख…
Read More »गढवाली भाषा में समालोचना/आलोचना/समीक्षा साहित्य
(गढवाली अकथात्मक गद्य-३) (Criticism in Garhwali Literature) यद्यपि आधिनिक गढवाली साहित्य उन्नीसवीं सदी के अंत व बीसवीं सदी के प्रथम…
Read More »पहाड़ के उजड़ते गाँव का सवाल
उत्तराखंड की लगभग 70 प्रतिशत आबादी गांव मैं निवास करती है। 2011 की जनगणना के अनुसार हमारे देश में लगभग…
Read More »गढवाली भाषा साहित्य में साक्षात्कार की परम्परा
Intervies in garhwali Literature (गढवाली गद्य -भाग 3) साक्षात्कार किसी भी भाषा साहित्य में एक महत्वपूर्ण विधा और अभिवक्ति की…
Read More »आधुनिक गढवाली भाषा कहानियों की विशेषतायें और कथाकार
(Characteristics of Modern Garhwali Fiction and its Story Tellers) कथा कहना और कथा सुनना मनुष्य का एक अभिन्न मानवीय गुण…
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संस्कृति

गढ़-कुमौ का प्रसिद्ध छपेली नृत्य गीत
गढवाल कुमाओं का एक प्रसिद्ध नृत्य गीत शैली मदुली च बांद, हिराहिर मदुली स्याळी : बाखरो को सांको बल बाखरो…
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संस्कृति

उत्तराखंड का प्रसिद्ध चांचरी लोकगीत
चंदी गड़ी बंदी सुआ, चंदी गड़ी बंदीकैकी सुआ होली इनी, लगुली सि लफन्दी,दीवा जन जोतअ, दीवा जन जोतअ चदरी की…
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साहित्य

गढ़वाली बोलने, सीखने को प्रेरित करती किताब
गढ़वाली भाषा की शब्द-संपदा इन दिनों रमाकांत बेंजवाल की गढ़वाली भाषा पर आधारित पुस्तक ‘गढ़वाली भाषा की शब्द-संपदा’ बेहद चर्चा…
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आजकल

बारिश में भीगता दिन
बीती रात से ही मूसलाधार बारिश रुक रुककर हो रही थी. सुबह काम पर निकला तो शहरभर में आम दिनों…
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