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आलेख

साहित्य प्रेमियों के बीच आज भी जिंदा हैं अबोध बन्धु बहुगुणा
आशीष सुंदरियाल गढ़वाळी भाषा का सुप्रसिद्ध साहित्यकार अबोध बन्धु बहुगुणा जी जौंको वास्तविक नाम नागेन्द्र प्रसाद बहुगुणा छौ, को जन्म…
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गढ़वाली-कविता

त्राही-त्राही त्राहिमाम… (गढ़वाली कविता)
• दुर्गा नौटियाल त्राही-त्राही त्राहिमाम, तेरि सरण मा छां आज। कर दे कुछ यनु काज, रखि दे हमारि लाज।। संगता…
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हिन्दी-कविता

मैं पहाड़ हूं (हिन्दी कविता)
मैं पहाड़ (हिमालय) हूंविज्ञान कहता हैयहां पहले हिलोरें मारता सागर थादो भुजाएं आपस में टकराईंपहाड़ का जन्म हुआहिमालय का अवतरण…
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आलेख

कल की सी ही बात है
• डॉ. अतुल शर्मा प्रकृति के सुकुमारतम कवि श्री सुमित्रानंदन पंत की आज शुभ जयंती है। कल की सी ही…
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व्यंग्यलोक

जरा बच के … (व्यंग्य)
• प्रबोध उनियाल बहुत समय पहले की बात है, तब इतनी मोटर गाड़ियां नहीं थीं। सबके अपने-अपने घोड़े होते थे।…
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आजकल

लॉकडाउन में गूंज रही कोयल की मधुर तान
• प्रबोध उनियाल ये एक भीड़ भरा इलाका है, जहां मैं रहता हूं। मेरी घर की बालकनी से सड़क पर…
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व्यंग्यलोक

भाई साहब घर में हैं (व्यंग्य)
• प्रबोध उनियाल कुछ भाई साहब तो आजकल बर्तनों के साथ फर्श को भी रगड़-रगड़ कर चमका रहे हैं। आजकल…
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हिन्दी-कविता

महा क्रांति आमंत्रित कर (हिन्दी कविता)
श्रीराम शर्मा ‘प्रेम’ तेरे शोणित, तेरी मज्जा से – सने धवल प्रासाद खड़े।तेरी जीवन से ही निर्मित,तेरी छाती पर किन्तु अड़ेइनको…
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फिल्म-संगीत

अलविदा इरफान! इतनी भी जल्दी क्या थी..
प्रबोध उनियाल / फिल्म अभिनेता इरफान खान का यूं चले जाना स्तब्ध करता है। उनके जज्बे से लगने लगा था…
Read More » मारियो वार्गास ल्योसा की कृति ‘किस्सागो’ का परिचय
● डॉ. अतुल शर्मा ‘किस्सागो’ मारियो वार्गास ल्योसा का महत्वपूर्ण उपन्यास लातिन अमरीकी देश ‘पेरु’ के आदिवासियों पर आधारित है।…
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