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गेस्ट-कॉर्नर

जब देहरादून आए थे राष्ट्रीय कवि ‘दिनकर’
(राष्ट्रीय कवि रामधारी सिंह दिनकर की पुण्यतिथि पर विशेष) मेरे नगपति! मेरे विशाल!साकार दिव्य गौरव विराटपौरुष के पुंजीभूत ज्वालमेरी जननी…
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फिल्म-संगीत

मील का पत्थर साबित हुई थी ‘27 डाउन’
प्रबोध उनियाल । फिल्म ‘भुवन शोम’ की कामयाबी के बाद हिंदी सिनेमा के इतिहास में व्यवसायिक सिनेमा के समांतर…
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आजकल

पृथ्वी दिवस पर घरों में बंद दुनिया
डॉ. अतुल शर्मा आज धरती को रहने योग्य बनाये रखने के संकल्प का दिन। यह सांकेतिक है। धरती पर प्रदूषण…
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फिल्म-संगीत

भुवन शोम से हुई प्रयोगधर्मी सिनेमा की शुरूआत
– प्रबोध उनियाल । फिल्मकार मृणाल सेन द्वारा वर्ष 1969 में ‘भुवन शोम’ का निर्माण आधुनिक भारतीय सिनेमा में मील का…
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गेस्ट-कॉर्नर

सद्भाव के रंगों का पर्व है होली
प्रबोध उनियाल / फागुन पूर्णिमा को मनाए जाने वाला होली का पर्व हिंदू पंचांग के अनुसार वर्ष का अंतिम तथा…
Read More » आधुनिक गढ़़वाली कविता का संक्षिप्त इतिहास
भीष्म कुकरेती (मुंबई) // गढ़़वाली भाषा का प्रारम्भिक काल गढ़़वाली भाषाई इतिहास अन्वेषण हेतु कोई विशेष प्रयत्न नहीं हुए हैं।…
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हिन्दी-कविता

मान राम (हिन्दी कविता)
अनिल कार्की // मानराम !ओ बूढ़े पहाड़लो टॉफी खा लोचश्मा पौंछ लो मेरे पुरखे टॉफी की पिद्दी सी मिठासतुम्हारे कड़वे…
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गढ़वाली-कविता

हमर गौंम (गढ़वाली कविता)
हमर गौंम,आइडिया नेटभर्क च,गोर, बछरू, भ्याल हकै,मनखि निझर्क च। हमर गौंम,पीडब्ल्डी सड़क च,मनखि भितर सियुं,भैर बांदर बेधड़क च। हमर गौंम,ऊर्जा…
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गढ़वाली-कविता

चुनौ बाद (गढ़वाली कविता)
बिकासन बोलिपरदान जी!मिन कबारि औण ?पैलि तुमारा घौर औणकि/ गौं मा औण? अबे! ठैर यारबिन्डी कतामति न कारपैलि हिसाब त्…
Read More » इंसानी जीवन के रेखांकन की कविताएं
पुस्तक समीक्षा- जलड़ा रै जंदन (गढ़वाली कविता संग्रह) डॉ. नंद किशोर हटवाल // कविताओं को अपने समय और समाज का…
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