हल्दी कुटने का गढ़वाली सगुन गीत
Haldi Kutano Saguno Geet : The Auspicious Song at the Time of Grinding Turmeric and other Bulbs-Tubers ( Garhwali Wedding…
Read More »रणरौत : एक धार्मिक लोक जागर (गीत)
In Garhwal , people worship Ghosts, Bhoot by several ways and means . One way is to worship Brave family…
Read More »कैंतुरा रणभूत (गढ़वाली जागर)
होलू कालू भंडारी मालू मा कु माल अनं का कोठारा छया वैका , बसती का भंडारा गाडू घटडे छई ,…
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आलेख

उत्तराखण्ड : ऐतिहासिक घटनायें
1724: कुमाऊं रेजिमेंट की स्थापना।1815: पवांर नरेश द्वारा टिहरी की स्थापना।1816: सिंगोली संधि के अनुसार आधा गढ़वाल अंग्रेजों को दिया…
Read More » नदी क्यों सिखाया मुझे (हिन्दी कविता)
नदी !तुने क्यों सिखा दिया मुझेअपनी तरह बहने का पाठसब कुछ बहाने की आदत क्यों ? प्रश्रय दियापहाड़ों से निकलमैदानों…
Read More »जायें तो जायें कहां
जिस जंगल के रिश्ते से आदि-मानव अपनी गाथा लिखते आया है, वो जंगल आज उदास है. उसके अपने ही रैन-बसेरे…
Read More »बदलौअ (गढ़वाली कविता)
जंगळ् बाघूं कु अब जंगळ् ह्वेगेन जब बिटि जंगळ् हम खुणि पर्यटक स्थल ह्वेगेन बंदुक लेक हम जंगळ् गयां बाग/गौं…
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फिल्म-संगीत

‘लोक’ संग ‘पॉप’ का फ्यूजन अंदाज है ‘हे रमिए’
इसे लोकगीतों की ही तासीर कहेंगे कि उन्हें जब भी सुना/गुनगुनाया जाय वे भरपूर ताजगी का अहसास कराते हैं। इसलिए…
Read More » उदास न हो (गढ़वाली कविता)
आज अबि उदास न होभोळ त् अबि औण चआस न तोड़ मन न झुरौपाळान् त् उबौण ई च कॉपीराइट- धनेश…
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