-
गढ़वाली-कविता

फेक्वाळ् (गढ़वाली कविता)
भुयां खुट्ट धन्नौ जगा नि अंरोंगु कखि छोड़युं नि संगति फैल्यान् सेमा सि फेक्वाळ् धुर्पळा कि पठाळी उठा चौक का…
Read More » कौन डरता है खंडूरीराज से ?
क्या भविष्य में भी भारतीय जनता पार्टी पूर्व मुख्यमंत्री रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल भुवनचंद्र खंडूरी के नेतृत्व में दुबारा चुनाव के…
Read More »सिखै (गढ़वाली कविता)
सिहमरा बीच बजारदुकानि खोलीभैजी अर भुलाब्वन्न सिखीगेन मिदेळी भैर जैकिभैजी अर भुलाब्वन्न माशर्माणूं सिखीग्यों Copyright@ Dhanesh Kothari
Read More »-
गढ़वाली-कविता

पण कब तलक (गढ़वाली कविता)
मेरा बिजाल्यां बीज अंगर्ला सार-खार मेरि भम्मकली गोसी कबि मेरु भुक्कि नि जालू कोठार, दबलौं कि टुटलि टक्क पण, कब…
Read More » -
गढ़वाली-कविता

बाघ
बाघगौं मा जंगळुं मा मनखि ढुक्यां छन रात-दिन डन्ना छन घौर-बौण द्वी लुछणान् एक हैंका से आज-भोळ अपणा घौरूं मा ज्यूंद रौण कू संघर्ष आखिर कब…
Read More » काव्य आन्दोलनों का युग 1976- से 2010 तक
सन 1976 से 2010 तक भारत को कई नए माध्यम मिले और इन माध्यमों ने गढ़वाली कविता को कई तरह…
Read More »अनसिक्योर्टी (गढ़वाली कविता)
डाल्यों फरैं अंग्वाळ बोट ताकि, डाल्यों तैं अनसिक्योर्टी फील न हो Copyright@ Dhanesh Kothari
Read More »


